Ajay Siyaram

AJAY SIYARAM

WRITER | SHAYAR

"मुझे अब दर्द भी.. ‘अजय' दर्द नहीं देता
मगर तेरी यादें ... मुझको खा जाती हैं!"

Wo Ek Sham || वो एक शाम || Hindi Heart Touching Sad Ghazal Shayari || Ajay Siyaram

सुनो...

आज फिर वही शाम उतर आई है,

मेरे कमरे की चौखट पर।

वही पुरानी उदासी, वही पुराना सन्नाटा।

मैं अभी भी वहीं बैठा हूँ,

Mai Tumhe Chahata Hun || Heart Touching Poetry by Ajay Siyaram ||

अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं... कि मैं तुम्हें कितना चाहता हूँ?

और हर बार... मैं खामोश हो जाता हूँ।

क्योंकि 'चाहना' एक बहुत छोटा लफ़्ज़ है उस तूफ़ान के लिए, जो मेरे अंदर चलता है।

Mukarrar Saza | Hindi Sad poetry by Ajay Siyaram

लोग कहते हैं कि जुदाई के बाद इंसान टूट जाता है,

बिखर जाता है, रोता है, तमाशा करता है।

मगर मैंने... मैंने एक अलग रास्ता चुना।