Ajay Siyaram

AJAY SIYARAM

WRITER | SHAYAR

"मुझे अब दर्द भी.. ‘अजय' दर्द नहीं देता
मगर तेरी यादें ... मुझको खा जाती हैं!"

Maqam (मक़ाम) : Inspirational Hindi Poetry on Life & Success | मंजिल शायरी

दिन भर बिखरते रहे हम ज़माने के काम में “अजय”

रात को समेटेंगे खुद को, एक नए मक़ाम में।"